ताजनगरी के तीन सितारे योगी (Yogi) मंत्रिमंडल में शामिल, क्या दिला पाएंगे आगरा को सौगात?

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आगरा न्यूज़। आगरा के दो विधायक बेबी रानी मौर्य (Baby Rani maurya) और योगेंद्र उपाध्याय (Yogendra Upadhyay) को योगी सरकार 2.0 में कैबिनेट मंत्री मनाया गया है वही एमएलसी धर्मवीर प्रजापति ( Dharmveer Prajapati) को मंत्रिमंडल में एक बार फिर जगह मिली है, पर क्या यह तीन सितारे ताज नगरी को सौगात दिला पाएंगे क्योंकि इससे पहले भी ताजनगरी के 20 जनप्रतिनिधि केंद्र और राज्य सरकार में मंत्री रह चुके हैं पर वह आगरा को तरक्की की राह पर नहीं ले जा सकें।

ताजनगरी के लोग लंबे समय से आगरा में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, आलू से वोदका बनाने की फैक्ट्री, और एसएन मेडिकल कॉलेज को एम्स के दर्जे का इंतजार कर रहे हैं, पर आज तक उनका इंतजार खत्म नहीं हो पाया है। आगरा की तरक्की में रुकावटों की वजह जब नेताओं से पूछी जाती है तो उनकी दलीलें कुछ इस प्रकार होती है पूर्व राज्य मंत्री डॉक्टर जीएस धर्मेश ने कहा कि उनके पास समाज कल्याण विभाग था इसलिए वह आगरा के लिए कुछ विशेष ना कर पाए वही मुलायम सरकार में मंत्री रहे चौधरी बाबूलाल ने कहा कि मैंने आलू से वोदका बनाने की फैक्ट्री आगरा में लगाने की स्वीकृति भेजी थी पर मुलायम सिंह उसे इटावा में लगाना चाहते थे इसलिए उन्होंने मंजूरी नहीं दी।

खैर अब ताजनगरी के यह तीन सितारे बेबी रानी मौर्य, योगेंद्र उपाध्याय और धर्मवीर प्रजापति से जनता की उम्मीद है कि वह ताजनगरी के सौगात में चार चांद लगाएंगे। आगरा के दक्षिण विधानसभा से तीसरी बार विधायक चुने गए योगेंद्र उपाध्याय से जनता की उम्मीदें कुछ खास है क्योंकि उनके नियंत्रण प्रयास से ही आगरा शहर में गंगाजल प्रोजेक्ट मिल सका है। हालांकि उनके क्षेत्र के कुछ इलाकों में अभी भी गंगाजल नहीं पहुंच पाया पर अब उनके योगी सरकार के मंत्रिमंडल में पहुंचने से एसएन कॉलेज को एम्स का दर्जा मिलने की उम्मीद जागी है, वही योगी मंत्रिमंडल में दोबारा मौका पाने वाले धर्मवीर प्रजापति को 2002 में पहली बार प्रदेश का दायित्व मिला था तत्कालीन पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ में वे प्रदेश के राज्य मंत्री बने थे।

2019 में उन्होंने मोटी कला बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया था। अयोध्या में श्री राम के दीपों उत्सव कार्यक्रम में उन्होंने आगरा ईटा कन्नौज समेत दूसरे जिलों से डिजाइनर दिए की व्यवस्था कराई थी। जनता की उम्मीद है कि वह जलते दिए की तरह ताज नगरी को भी तरक्की से जगमगाए। आगरा से ताल्लुक रखने वाली बेबी राय मौर्य भाजपा की एक बड़ी दलित चेहरा माना जाती । एक समय बहुजन समाज पार्टी का गढ़ रहे ताजनगरी में भी बेबी रानी मौर्य का अच्छा प्रभाव माना जाता है। बेबी राय आगरा की मेयर भी रही है। अगस्त 2018 में बेबी रानी मौर्य को उत्तराखंड का राज्यपाल बनाया गया था वह राज्य की दूसरी महिला राज्यपाल थी। सितंबर 2021 में उन्होंने राज्यपाल पद से इस्तीफा दे था उसके बाद उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बना दिया गया था। अब शहर के दलित वर्ग को इनसे अच्छी खासी उम्मीद होगी।

शुक्रवार को शपथ लेने वाले तीनों मंत्रियों को मिलाकर आगरा से अब तक 23 सितारा लाल बत्ती से नवाजे जा चुके हैं जिसमें रामजी लाल सुमन (श्रम राज्यमंत्री ), अजय सिंह( रेल राज्य मंत्री ), रामशंकर कठेरिया (मानव संसाधन राज्य मंत्री), एसपी सिंह वाघेल (विधि एवं न्याय राज्यमंत्री), केंद्रीय मंत्री पद पर विराजमान थे पर वो ताज नगरी के शोहरत में चार चांद लगाने में नाकाम रहे। अगर राज्य मंत्रियों पर नजर डालें तो देवकीनंदन विभव (परिवहन एवं उद्योग मंत्री), कृष्णवीर सिंह कौशल (कृषि मंत्री),सत्यप्रकाश विकल (परिवहन मंत्री), अरिदमन सिंह (परिवहन मंत्री),रामसकल गुर्जर (खेल, युवा कल्याण मंत्री), नरायन सिंह सुमन (उद्यान मंत्री), प्रकाश नरायन गुप्ता (राज्यमंत्री) गुलाब सेहरा (राज्यमंत्री), हरद्वार दुबे (संस्थागत वित्तराज्य मंत्री), चौ. बाबूलाल (खाद्य प्रसंस्करण, आईटी मंत्री) डॉ. रामबाबू हरित (स्वास्थ्य राज्यमंत्री) डॉ. जीएस धर्मेश समाज (कल्याण राज्यमंत्री), चौ. बशीर (साइंस एंड टेक्नोलॉजी राज्यमंत्री), धर्मवीर प्रजापति (एमएसएमई राज्यमंत्री), चौ. उदयभान सिंह (एमएसएमई राज्यमंत्री), और जीपी पुष्कर (राज्यमंत्री) शामिल थे।

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