कृषि से जुड़ी भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजनाएं :Top Government Schemes For Farmers In India

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PM Fasal Yojana

हम सभी हमेशा से ये सुनते आए हैं कि कृषि (agriculture) हमारे देश की रीड की हड्डी के समान है पर क्या आपने कभी इसके पीछे की वजह जानने की कोशिश की है?
आइए जानते हैं Top Government Schemes For Farmers In India.
कृषि लगभग 50% रोजगार प्रदान करता है इसके साथ -साथ सकल घरेलू उत्पाद (gross domestic product) में भी 15% का योगदान करती है। देश के ग्रामीण क्षेत्रों की लगभग 58 % आबादी कृषि पर निर्भर है।
किसान अर्थव्यवस्था की प्रेरक शक्ति हैं। इसीलिए हमारी आबादी का एक बड़ा हिस्सा प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से इसमें शामिल है। इसके अलावा, देश का प्रत्येक नागरिक उनके द्वारा उत्पादित कृषि उत्पादों पर निर्भर है।

समय-समय पर तत्कालीन सरकारों के द्वारा भी कृषि पर बल देने के लिए नई- नई योजनाएं लाई गई जैसे कि आजादी के बाद वर्ष 1965 में, भारत सरकार ने एक आनुवंशिकीविद् की मदद से हरित क्रांति (green revolution) की शुरुआत की थी। हरित क्रांति का आंदोलन एक बड़ी सफलता थी और इसने देश की स्थिति को खाद्य-कमी वाली अर्थव्यवस्था से दुनिया के अग्रणी कृषि देशों में से एक में बदल दिया। यह 1967 में शुरू हुआ और 1978 तक चला। तब के प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri) के द्वारा दिए गए नारे (slogan) जय जवान जय किसान (Jai Jawan Jai Kisan) आज भी सभी के कानों में गूंजती है।

वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के द्वारा कृषि क्षेत्र के उन्नति के लिए बहुत सारी योजनाएं लाई गई है।
आइए जानते हैं 5 प्रमुख योजनाओं के बारे में,

 प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना:Pradhanmantri Krishi Sinchai Yojana (PMKSY))
1 जुलाई 2015 को प्रधानमंत्री ने कृषि सिंचाई योजना को मंजूरी दी थी।
योजना का लक्ष्य हर खेत तक पानी पहुंचाना है ( har khet ko pani) वह भी पानी का अधिक कुशलता से प्रयोग करके. ( More crop per drop)।

 प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का उद्देश्य
• जमीनी स्तर पर सिंचाई में निवेश को बढ़ाना
• खेतों में ही जल को इस्तेमाल करने की दक्षता बढ़ाना जिसमें पानी का अपव्यय कम होगा
• सुनिश्चित सिंचाई के तहत कृषि क्षेत्र का विस्तार करना है।
• आम बजट 2018- 19 में सिंचाई के लिए 26000 करोड़ का आवंटन किया गया था।
वर्तमान में, प्रधानमंत्री सिंचाई योजना (PMKSY) को वित्त वर्ष यानी 2025 -26 के लिए बढ़ा दिया गया है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: Pradhanmantri Fasal Bima Yojana (PMFBY)
• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना का लॉन्च 13 जनवरी 2016 में किया था
• प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को फसल बोने के दस दिनों के अंदर बीमा कराना होता है।
• बाढ़, बारिश, ओला था फिर किसी भी प्राकृतिक आपदा के चलते अगर फसल को कोई नुकसान पहुंचता है तो किसान को बीमा का लाभ दिया जाता है।
• इस योजना में उन सभी किसानों को शामिल किया जाता है जो खेती करते हैं चाहे उनके पास जमीन हो या ना हो।

किसान क्रेडिट कार्ड योजना :Kisan credit card Yojana (KCC)
केसीसी (KCC) में फसल कटाई के बाद के खर्चे, उपज विपणन ऋण, किसान परिवार की खपत की आवश्यकताएं, कृषि संपत्ति के रखरखाव के लिए कार्यशील पूंजी और कृषि से संबंधित गतिविधियां, कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए निवेश ऋण की आवश्यकता शामिल है।
• किसान क्रेडिट कार्ड योजना वाणिज्यिक बैंकों (commercial banks), आरआरबी (RRBs), लघु वित्त (small finance Bank) बैंकों और सहकारी समितियों द्वारा कार्यान्वित की जाती है।
• इसका उद्देश्य किसानों को 7 % प्रति वर्ष की ब्याज दर पर 3 लाख रुपये तक का अल्पकालिक फसल ऋण प्रदान करना है।

सतत कृषि के लिए राष्ट्रीय मिशन:National mission for sustainable agriculture (NMSA)
• सतत कृषि के लिए राष्ट्रीय मिशन (NMSA) को कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए विशेष रूप से एकीकृत खेती, जल उपयोग दक्षता, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन और संसाधन संरक्षण के तालमेल पर ध्यान केंद्रित करते हुए वर्षा सिंचित क्षेत्रों में तैयार किया गया है।

मिशन के उद्देश्य
• स्थान विशिष्ट एकीकृत/समग्र कृषि प्रणालियों को बढ़ावा देकर कृषि को अधिक उत्पादक, टिकाऊ, लाभकारी और जलवायु अनुकूल बनाना।

• उपयुक्त मिट्टी और नमी संरक्षण उपायों के माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना।

• प्रति बूंद अधिक फसल’ प्राप्त करने के लिए कवरेज का विस्तार करने के लिए कुशल जल प्रबंधन के माध्यम से जल संसाधनों के उपयोग को अनुकूलित करना है।

• अन्य चालू मिशनों के संयोजन के साथ किसानों और हितधारकों की क्षमता विकसित करना

जैसे कृषि विस्तार और प्रौद्योगिकी पर राष्ट्रीय मिशन, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, जलवायु लचीला कृषि के लिए राष्ट्रीय पहल (एनआईसीआरए) आदि।

राष्ट्रीय कृषि बाजार:National Agriculture Market (E-NAM)

• राष्ट्रीय कृषि बाजार (NAM) एक अखिल भारतीय इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग पोर्टल है, जो कृषि वस्तुओं के लिए एक एकीकृत राष्ट्रीय बाजार बनाने के लिए देश भर में मौजूदा कृषि उपज बाजार समिति (APMC) मंडियों को जोड़ता है।

NAM पोर्टल APMC से संबंधित किसी भी जानकारी और सेवाओं के लिए एकल-खिड़की सेवा है
जिसमें शामिल हैं:
• कमोडिटी की आवक और कीमतें।
• व्यापार ऑफ़र खरीदें और बेचें।
• अन्य सेवाओं के साथ-साथ व्यापार प्रस्तावों का जवाब देने का प्रावधान।
• NAM लेन-देन की लागत और सूचना अनियमितता को कम करता है, तब भी जब कृषि उपज मंडियों से प्रवाहित होती रहती है।

• राज्य अपने कृषि विपणन नियमों के अनुसार कृषि विपणन का प्रशासन कर सकते हैं, जिसके तहत, राज्य को विभिन्न बाजार क्षेत्रों में विभाजित किया जाता है और प्रत्येक बाजार क्षेत्र को एक अलग एपीएमसी (APMC) द्वारा प्रशासित किया जाता है।

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