अब LIC भी बाजारी मैदान में 8.9% के डिस्काउंट पर हुई लिस्टिंग-LIC IPO listing date

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LIC IPO Listing Date:

17 मई को देश के सबसे बड़े आईपीओ (IPO) की लिस्टिंग हो गई है जी हाँ हम बात कर रहे हैं एलआईसी (LIC) की जो देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी है। LIC की लिस्टिंग तकरीबन 8.62%  डिस्काउंट पर हुई है जिन निवेशकों ने लिस्टिंग लाभ (Listing gain) की उम्मीद से पैसे लगाई थे उनकी उम्मीदों पर तो जैसे पानी फिर गया। निवेशकों को तकरीबन Rs.42,500 करोड का झटका लगा है. हालांकि बाद में यह स्थिति बेहतर हो सकती है लेकिन एलआईसी की कमजोर लिस्टिंग की वजह से निवेशकों में  निराशा की लहर देखने जरूर मिली है। इसी महीने की 4 मई से 9 मई तक  LIC आईपीओ बाजार में लाया गया। मौजूदा सरकार ने तकरीबन 3.5 यानी Rs. 22.13 करोड़ की हिस्सेदारी बाजार में पेश की । खास बात यह रही कि इस बार घरेलू निवेशकों ने बढचढ़ कर हिस्सा लिया ,साथ ही विदेशी निवेशकों को कि कोई खास दिलचस्पी इस बार एलआईसी आईपीओ में  नजर नही आयी ।12 मई को आईपीओ एलॉटमेंट (IPO Allotment) किया गया. शुरुआती दौर में एलआईसी शेयर मूल्य Rs. 949 पर सेट किए गए थे वही पॉलिसीहोल्डर्स को ₹60 तक की छूट दी गई, साथ ही कर्मचारी और रिटेल इन्वेस्टर्स को ₹45 की छूट दी गई ।

मगर सवाल यह उठता है कि आखिर कौन सी वह वजह रही जिससे एलआईसी लिस्टिंग इतने नुकसान पर हुई:

कुछ मार्केट एक्सपर्ट्स की मानें तो बाजार के तेवरों में कुछ समय से ढील देखी कजा रही थी, पिछले हफ्ते भी NIFTY  ने कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया । साथ में वैश्विक स्तर पर कुछ समस्याएं जैसे रूस व यूक्रेन युद्ध के बाद से ही बाजार में मंदी देखी जा रही थी ,चाइना लॉकडाउन जैसी  घटनाओं का असर भी देखने मिला है, रुपए की लड़खड़ाते हालात भी निवेशकों के लिए बड़ा सर दर्द बनता जा रहा है, हाल में  खाद्य तेल के बढ़ते रेट और लगातार बढ़ती महंगाई भी बाजार के हालात खस्ता करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। साथ ही एलआईसी आईपीओ (LIC IPO)को बाजार में आने से पहले कई बार टाला भी जा चुका है। लिस्टिंग के दौरान हुए नुकसान के पीछे इन कई कारणों को जिम्मेदार माना जा रहा है। वहीं बाजार में इन्वेस्टर्स के बीच असमंजस बनी हुई है कि वह इन Shares शेयर को होल्ड करें या उन्हें बेचे, मगर कुछ जानकारों का कहना है कि एलआईसी लॉन्ग टर्म होल्डिंग्स (Long term holding)के लिए बेहतर ऑप्शन है मगर शॉर्ट टर्म (Short Term)में शायद यह उस तरह का रिटर्न न दे पाए जिस तरह की उम्मीद निवेशक अभी तक लगाए बैठे हैं, हालांकि बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है लिखते हैं एलआईसी इन्वेस्टर्स को कितना उतार-चढ़ाव देखना होगा।

इस मौके पर एलआईसी के चेयरमैन एमआर कुमार ने कई सवालों के जवाब देते हुए कहा है कि हम उद्योग की तुलना में तेजी से विकास करना जारी रखना चाहते हैं और एक बार जब हम उद्योग की तुलना में तेजी से बढ़ते हैं, भले ही यह सम या गैर-बराबर हो, हम सभी खंडों का ध्यान रख रहे है, उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक बाजार धारणा ने लिस्टिंग को धूमिल कर दिया था, और पॉलिसीधारकों से प्राप्त प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) की मजबूत प्रतिक्रिया पर ध्यान केंद्रित करना चुना।  एलआईसी अपने पॉलिसीधारकों के लिए रिटर्न बढ़ाने पर ध्यान देगी। बीमा दिग्गज अपने बाजार हिस्सेदारी के नुकसान को रोकने अपने डिजिटल चैनलों को बढ़ाने और पॉलिसीधारकों को खुश करने के लिए इक्विटी निवेश पर सामरिक बदलाव करने की कोशिश करेगा।

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